Monday, 17 October 2016

गाँव की आंटी को लिफ्ट देकर चोदा

village me chudai
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम राज है, में कोल्हापुर (महाराष्ट्र) से हूँ और में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ, मेरी इस साईट पर ये पहली स्टोरी है और अब में आपका ज़्यादा टाईम ना लेते हुए सीधे अपनी स्टोरी पर आता हूँ। मेरी उम्र 23 साल है और मैंने अभी ही बी.कॉम पूरा किया था और जॉब पर लगा था। में एक गावं से हूँ और में जॉब के लिए मेरे घर से ऑफिस तक बाईक पर जाता था। में जिस जगह पर जॉब करता हूँ वो इंडस्ट्ररियल एरिया है, जहाँ पर मेरी गावं की औरतें भी काम के लिए जाती है और उनको ज्यादातर चलकर या किसी से लिफ्ट लेकर जाना पड़ता है। अब वहाँ मेरे गावं की भी औरतें जाती थी और जो मेरा ऑफिस टाईम था उसी वक्त मुझे रास्तें में दो औरतें चलकर जाती दिखती थी।

पहले दो दिन तक मैंने उन पर कुछ ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन एक दिन उनमें से एक औरत ने  मुझे रुकने का इशारा किया। फिर मैंने देखा कि वो हमारे पास वाली ही आंटी है तो में रुका। सॉरी अब में आपको आंटी के बारे में बता दूँ, वो ज्यादा गोरी नहीं थी, लेकिन मस्त थी, उसका नाम शोभा था और उसकी उम्र 35 से 40 साल के बीच में होगी, उसकी गांड बड़ी थी और वो साड़ी पहनती थी और बूब्स भी मस्त थे, उसका फिगर 36-34-38 था। अब में सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ। फिर उसने हाथ किया तो में रुक गया और अब वो मेरी बाईक पर पीछे बैठ गई और बातें करने लगी।

शोभा – तुम कब से यहाँ पर जॉब करते हो?

में –  4 दिन से।

शोभा –  तुम्हारा टाईम क्या रहता है?

में –  9 से 6 तक, आपका?

शोभा –  मेरा भी यहीं टाईम है।

अब ऐसी बातें चलती रही और हम लोग वहाँ पहुँच गये और फिर उसने जाते वक्त ले जाने को कहा तो  मैंने भी ठीक है बोला। अब पहले दिन तो वो थोड़ा पीछे बैठी थी, अब दूसरे दिन जब में जा रहा था तो वो मेरा इंतजार कर रही थी, अब मुझे देखकर वो मुस्कुराने लगी।

फिर मैंने पूछा कि आज आप बहुत खुश लग रही हो तो वो बोली कि मुझे पार्टनर जो मिल गया है।  अब में समझा नहीं, आज वो मेरे साथ चिपक कर बैठी थी और मेरी बैग आगे लेने को कह रही थी।  फिर मैंने अपना बैग आगे लिया और अब वो मुझसे चिपक कर बैठ गई, जिससे उसके बूब्स मेरी पीठ को टच हो रहे थे और उसकी जांघे क्या मुलायम थी दोस्तों? अब में जान बूझकर ब्रेक लगाने लगा और अब में मज़ा ले रहा था और उसे भी दे रहा था। फिर जब हम वहाँ पहुँच गये तो वो मुस्कुराने लगी और मेरी आँखो में आँखे डालकर देखने लगी। अब में भी देख रहा था, तभी उसने मेरा मोबाईल नम्बर माँगा। फिर मैंने उसे दे दिया और निकलते समय कॉल करने को कहा। अब में जाते समय उसे लेने गया तो वो बाईक पर मुझसे चिपक कर बैठ गई और अब उसका हाथ मेरी जांघो पर घूम रहा था तो अब मुझे मज़ा आ रहा था। फिर वो बोली कि कल हमारी छुट्टी है तो वो मुझसे कल का प्लान पूछने लगी। फिर मैंने कहा कि कुछ नहीं बस में तो घर पर ही रहूँगा और मैंने उनसे पूछा कि आपका क्या प्लान है? तो उसने कहा कि कुछ नहीं है।

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