Thursday, 13 October 2016

पूजा ने निह्लाया अपनी चूत के पानी में

choot ka pani
आज मैं आपको पूजा की के साथ अपनी चूत चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ जीसी चूत चुदाई का दिन मेरे लिए आज भी उतना ही माईने रखता है जीतना उसे चोदते वक्त कर रहा था | वो मेरे घर पर नौकरानी का काम करती थी और उसकी रसीली जवानी में ही मैं उसका दीवाना बन चूका था | वो काम किया करती थी और मैं बस उसे चुपके चुपके देखा करता था | जब वो बाथरूम में कपडे धोअया करती थी तो मैं उसकी गांड को उठक – बैठक करते हुए तन जाया करते थे और किचन में उसे बतरन धोते वक्त उसके चुचियों को देख मिसमिसा सा जाता था | वो ही अब मेरे हस्थमैथुन की वजह भी बन चुकी थी | मेरे दिन रात दिमाक में बस पूजा की का गठीला बदन ही घुमा करता था

एक दिन भरी दोपहर में मेरे घर पर कोई भी नहीं था और पूजा काम के लिए | मैं उसे बाथरूम में कुछ कपडे धिकाए जिनमें से मेरी चड्डी भी थी | मैंने देखा की उसे कपडे धोना चालू कर दिया है तो मैं बस चुपके चुपके उसकी गांड को देख रहा था इतने में मैंने देखा की वो चुपके से मेरी चड्डी को उठाकर सूंघ रही है | मैं तो भौंचक्का ही रह गया | मेरा लंड एक दम से टन गया और वो मज़े में मेरे मेरी चड्डी को ही सूंघ रही थी | मुझसे रुका न गया और मैंने बाथरूम में जाकर उसे दबोच लिया और कहा, बहुत हो चुपके चुपके दिल बहलाना जानेमन .. !! चलो अब कुछ असली खेल कहला जाए | उसके चेहरे के भाव देकर ऐसा लग रहा था वो तो जैसे इस दिन को कबसे पाने के लिए तरस रही थी

हम एक दूसरे के होठों को के रस को चूसने में लग गए और चूसते हुए उसके चुचों को दबाने लगा | मैंने पानी से वहीँ उसके बदन को पूरा भिगो दिया और उसके चुचों को मसलने लगा | जिसके बाद अब वो मेरे कपडे उतारने लगी रो मैंने उसको और फिर हम दोनों ने एक दूसरे को नंगे – नंगे कसकर जकड लिया | मैं मज़े में वहीँ बाथरूम में उसके नंगे चुचों को मुंह में भरते हुए पीने लगा जिसका बड़ा ही कामुक आनंद आ रहा था | हम भीगे हुए थे इसीलिए मैं उसे बिस्तर पर नहीं ले गया वहीँ बाथरूम के गीले फ़र्ज़ पर उसे लिटा दिया जहाँ मैं भी उसके उप्पर लेट गया और उसके चुचों को चूसते हुए नीचे से उसकी गीली चूत में उँगलियाँ बड़े ज़ोरदार तरीके से से डालने रहा था

मेरा लंड पूरा तन गया था और मैंने अपने लंड को मसलते हुए उसकी भीगी चूत पर टिकाया और एक जोर का अंदर ही झटका दिया | मेरी नौकरी पूजा की आआह्ह ही निकल पड़ी और मुझे तो इस पल का कबसे इत्नेज़रा था | मैं अब उसकी चूत में वहीँ अपनी बाहों में जकड़े हुए २० मिनट तक पेलता रहा जिसके बाद अपने मुठ से भी भिगो दिया | हम पानी में तो नहाये हुए ही थे पर जब पूजा की चूत का पानी निकला तो इतना ज्यादा निकला की दूसरी बार हम उसकी चूत के पानी में भीग गया

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