Friday, 7 October 2016

चूत गीली गीली हो गई

हाय दोस्तों मेरा नाम अस्मा हे और में कोलेज गर्ल हूँ. दोस्तों मेरे क्लास में जितने भी में क्लास मिट हे लैब भग सभी से मेरी अच्छी बनती हे और आज तक ना किसी से कोई अनबन हुई हे ना किसी से मेरा कोई जागदा. में एक दम शांत स्वभाव की मिलनसार लड़की हूँ. हर किसी की मुझसे दोस्ती हो जाए.

इसी तरह दोस्तों मेरी दोस्ती हो गयी और वो दोस्ती हद से ज्यादा बाधा कर बढती गयी और प्यार में बदल गयी. और हम दोनों एक दुसरे से जीजान से मोहब्बत करने लगे हम दोनों एक दुसरे के बिना रह नहीं सकते थे नामुमकिन था हम दोनों को एक दुसरे के बिना रहना दोस्तों गवारा नहीं था हमें लेकिन अभी तो हमें सारे जहा से ये दोस्ती छुपा कर रखनी हे.

दोस्तों मेने अपने दोस्त का परिचय आप को नहीं दिया चलो में आपको उसका परिचय दे दू दोस्तों उसका नाम हारिस हे और वो भी मेरे साथ ही पढता हे. उसके घर में और कोई नहीं बस वो अकेला रहता हे. तो हम दोनों का प्यार मिलन उसके घर पर ही होता था.

इसी तरह हम दोनों उसके घर में अकेले ही बैठते थे. दोस्तों पहले तो हम दोनों दूर दूर से बात करते थे लेकिन अब हम दोनों जब भी उसके घर आते एक दुसरे से चिपक कर बैठते थे. और वो धीरे धीरे मेरे बदन पर हाथ फेरता रहता था.

उसका यु मेरे बदन से खेलना मुझे बहुत अच्छा लगता था. दोस्तों में अब अपनी कहानी के मोड़ पर आती हु हम दोनों हर दिन की तरह उस दिन भी उसके घर गए हम दोनों कुछ देर बेठे ही थे की मेरे घर से मेरी मम्मी का फोन आया और वो बोली की वो मामा की सास गुजर जाने की वजह से मामी के मेके जा रही हे तो शाम को लोटेगी.

अब दोस्तों हमें और क्या चाहिए फुल टाइम प्यार करने के लिए हमें मिल गया. दोस्तों हम दोनों एक दुसरे को खुसी के मारे इसे चिपके की फिर एक दुसरे से जुदा ही नहीं हुए और ये शाम तक चिप्कापन चलता रहा. दोस्तों खुसी के मारे हम दोनों एक दुसरे से चिपके जरुर थे लेकिन उस चिपकने की अदा  ही कुछ एसी  थी की हम दोनों को अलग ही करंट दे गयी.

ना में उससे अलग होना चाहती थी और ना ही वो दूर होना चाहता था. फिर तो वो चालू ही पड़ गया अब तो वो सिर्फ मेरे बदन पर हाथ नहीं गुमाँ रहा था बल्कि वो हलकी हलकी किस भी कर रहा था. वो धीर धीरे करते हुए मेरे लिप्स तक आया फिर उसने मुझे १० मिनट तक की एक लम्बी लिप  किस की.

फिर वो धीर धीरे से आगे बढ़ता गया मेरे होठो से होकर वो आगे बढ़कर  मेरी गरदन तक पहोंचा और फिर वो मेरी गरदन पर मुझे किस करने लगा वो कभी कभी झोस में आकर मुजे बाईट  भी कर लेता था लेकिन अच्छा लगता था.

अब वो धीरे धीरे करके निचे सरकने लगा. वो मेरी गरदन से उतर कर मेरी छाती तक आया और मेरी छाती पर मेरे सिने  पर किस करने लगा वो चूस रहा था मेरे बदन को.फिर वो हलके से मेरे बूब्स पर किस करने लगा. बहुत मजा आ रहा था दोस्तों.

अब वो धीरे धीरे मेरे बूब्स अपने हाथो से दबाने लगा अब उसके दबाने की स्पीड में ज्यादा हो गयी वो झोर झोर से दबा रहा था. और में आआआआआआआआआअह्हह्हह्हह्हह्हह्हह्ह ऊऊऊऊऊऊउउउउम्म्म जेसी आवाज निकाल कर मजे लूट रही थी. दोस्तों हम जब कामुकता में गरक होते हे तो अपने मुह से  आआआआआआअह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊऊऊफ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़्फ़फ़ूऊऊऊऊऊऊऊऊऊ अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह आआआऊऊऊऊऊउ जेसी सेक्सी आवाज़ निकल ही जाती हे.

और हमें हमारी सेक्सी सेक्सी नर्म नर्म चीखे और भी झोश दिलाती हे. अब वो मेरे बूब्स को चूस रहा था काफी देर तक उसने मेरे बूब्स को चूसा फिर उठा और मुझे बोला की में अपने दोनों टांगो को फेला के लेट जाऊ मेंने भी एसा ही किया.

मेने ठीक उसने जेसा कहा था वेसा ही किया में अपनी दोनों सेक्सी सेक्सी नंगी टांगो को फेला के लेट गयी जिससे वो मेरी चूत को आराम से देख सकता था. वो मेरी चूत को देखने लगा और फिर झुक गया मेरी छुट के ऊपर मुझे बहुत मजा आ रहा था. वो मेरी चूत चाट रहा था.

१ओ मिनट के बाद वो उठा अपने लम्बे लैंड के साथ और बेथ गया मेरी चूत के ऊपर फिर कोसीस पर कोसिस करने लगा लेकिन उसका मोटा लम्बा लंड मेरी नाजुक चूत में घुसने का नाम ही नहीं लेता था. उसने मेरी चूत से निकले पानी को पूरी छुट पर फेला दिया अब तो मेरी झानगे भी गीली गीली हो गयी थी.

अब तो दूसरी बार वो कोसिस कर रहा था लेकिन कामुकता में बेहद मदहोश हुआ था अब उसे रोक पाना मुस्किल था वो मेरी छुट पर लंड रख कर झोर झोर से धक्के दे रहा था. अबके बार उसने इतने झोर से धक्का दिया की उसका लंड मेरी चूत के अन्दर घुस गया.

उसका लंड जेसे ही मेरी चूत के अन्दर घुसा मेरी छुट फट गयी जिससे मुझे बहुत दर्द हुआ. मेरे मुह से दर्द भरी चीख भी निकल गयी और मेने उसे रोकने की नाकाम कोसिसे की दोस्तों वो नहीं रुका और उसने अपने लंड को अन्दर बहार का करके चोदना सुरु कर दिया में आआआआआआआह्ह्ह आआआआआआआआआअ करती रही.

वो कहा मानने वाला था लैंड को झोर झोर से अन्दर बहार कर ते हुए वो मेरी चूत को छोड़ रहा था १० मिनट के बाद में भी उसके साथ हु गई क्युकी अब मुझे भी चुदाई का मजा आ रहा था में अपने दर्द को भुलाकर उसके साथ चुदाई में लग गई.

अब में भी अपनी गांड हिला हिला कर उसके साथ चोद रही थी वो मुझे चोद रहा था में उसको चोद रही थी. दोस्तों २ घन्टे तक हमने मस्त चुदाई का मजा उठाया दो घंटे के बाद वो मेरी मस्त सेक्सी चूत के अन्दर ही झड गया उसने अपना सारा माल मेरी सेक्सी चूत के अन्दर ही निकाल दिया फिर हम दोनों ने स्नान किया और में नाहा कर तैयार हो के अपने घर चली गयी अब जब भी चोदने का मन करता हे हम लोग मोका मिलते ही चुदाई कर लेते हे.

geeli choot, wet chut, phudi geeli ho gai, pani wali pussy, raseeli fudi, kahani, sex kahani, antarvasna, mazaydar phudi

Rate This Story