Wednesday, 12 October 2016

बूब्स और चूत को दबा के चुदवाया

boobs dabaye
हाय दोस्तों में आरती हूँ. और में हाउस वाइफ हूँ मेरा दो साल का बेटा हे मेरी शादी को चार साल हो चुके हे. मेरी उम्र हे २३ साल और मेरे पति एक कम्पनी में जॉब करते हे लेकिन उनके पास मेरे लिए कोई टाइम नहीं हे. वो हर वक्त बीजी रहते हे.

हमारी शादी के चार सालो में हमने मुस्किल से दो या चार बार सेक्स किया होगा और उसमे ही में प्रेग्नंट हो गयी और में माँ बन गयी. मेने अपने बारे में अपने पति को बहुत संजाने की कोसिस की लेकिन वो कहते हे इन सब के लिए मेरे पास वक्त ही नहीं.

में अब ज्यादा उन पर प्रेसर नहीं डालती अब में भी बीजी हो चुकी हूँ उन्होंने मुझे छुट दे रख्खी हे की मुझे जो करना हो करू वो कभी इसका विरोध नहीं करेंगे. दोस्तों अब तो हर दिन नए नए दोस्त बनाती हूँ. हर दिन में अपने शोख पुरे करती हूँ.

मेरे पति ज्यादा से ज्यादा बहार रहते हे. और में अब ज्यादा से ज्यादा अपने दोस्तों के साथ रहती हूँ. में यही दोस्तों से अपनी मनोकामना पूरी करती हूँ जिनसे में बहुत खुस रहती हूँ. दोस्तों मेरा एक दोस्त हे जिसका नाम हे शामीन. शामीन और मेरी दोस्ती एक दिन बस स्टॉप पर हुई थी. जो यहाँ तक पहोंची .

हम दोनों अब काफी अच्छे दोस्त बन गए थे.वो मेरे घर पर आने लगा था यु तो हर दिन में अकेले अकेले बोर हो जाती थी उसके आने से मेरा दिन गुजर जाता हे और मुझे मजे भी मिलते हे अब मुझे मेरे पति से ज्यादा शामीन की हाजरी अच्छी लगती थी में हर वक्त उसी का ख़याल करती थी में उसी के खयालो  में रहती थी.

अब में हर वक्त यही सोचती थी की शामीन हर वक्त हर पल मेरे ही शाथ रहे. लेकिन ये मुमकिन नहीं था शामीन और में लग भग हर दिन मिलते थे सिर्फ वही दिन कठिन होते थे जब मेरे पति घर पर होते. वेसे तो मेरे दोस्तों से उन्हें कोई लेना देना नहीं था लेकिन शामीन और मेरी दोस्ती एसी थी की जब हम दोनों हो तो कोई तीसरा ना हो.

हमें किसी तीसरे की हाजरी पसंद नहीं थी क्यों की जब से शामीन मेरे घर पर आता तब से लेकर जहा तक वो रहता हम दोनों एक दुसरे से चिपके हुए रहते थे. हम दोनों जरा भी दूर नहीं होते थे. और इसे में कोई आ जाए तो बहुत बुरा लगता था.

इसे इसे ही हम दोनों इतने करीब आ गए की अब सिर्फ चिपकना चिपकाना नहीं था बल्कि अब तो जब शामीन मेरे घर आता तो दरवाजा बंद करते हे हम दोनों नंगे हो जाते थे और नंगे हो कर काफी देर तक चिपकके बेठे रहते थे. और फिर जोरदार सेक्स भी करते थे ईएसआई ही एक दिन की मेरी सेक्स कहानी आप सभी के सामने रख रही हूँ दोस्तों मुझे उम्मीद हे की आप सभी को मेरी ये कहानी बहुत बहुत मजे दे जायेगी.

चलो में अपनी कहानी पे आती हूँ. उस दिन हर रोज की तरह वो मेरे घर आया मेने दरवाजा बंद किया और उसकी बाहों में समां गयी. काफी देर तक खड़े खड़े उसने किसिंग सेक्स किया वो मेरे बदन को चूमता रहा में चुमवाती रही. मजा जो आ रहा था एसा मजा मेरा पति थोड़ी न मुझे देता था.

में मजे लुटे जा रही थी वो मुझे चुमते चुमते मेरे बूब्स तक पहोंचा. वो मेरे बूब्स को धीरे धीरे करके सहलाने लगा जिससे में और भी उत्साहित होती जा रही थी मेरा बदन जेसे डांस कर रहा था. अब तो धीरे धीरे से वो मेरे बूब्स को दबाने लगा फिर झोर करने लगा अब वो झोर झोर से मेरे बूब्स को दबाने लगा थोड़े थोड़े बूब्स दुःख रहे थे लेकिन वो जो दबा रहा था मुजको बहुत अच्छा लग रहा था.

अब वो मेरे बूब्स को बाईट कर रहा था मेरे बूब्स पर उसने लाल लाल निशा भी बना दिए फिर धोसी देर तक उसने मेरे पेट पर पप्पिया लप्पिया की फिर वो निचे सरका और मेरी चूत की दीवारों को चूमने लगा फिर वो चूसने लगा झोर झोर से चूस रहा था. में मजे ले रही थी फिर उसने कहा की में भी उसके लम्बे लंड को किस करू में झुकी और कभी इधर से कभी उधर से हर तरफ से मेने उसके लंड को चूमा फिर मेने उसके लंड को धीरे धीरे करके अपने मुह में लें ने लगी और पूरा का पूरा लंड मेने मुह में ले लिया.

अब में उसके लंड को अपने गले के अन्दर तक उतार चुकी थी उसके लंड में से जो पानी जेसा निकल रहा था वोनमकीन लग रहा था. अच्छा लग रहा था मेने कई देर तक उसके लंड का पानी चूसा फेर उसके लंड को हर तरफ से चाटा और फिर से में दुबारा उसके लंड को अपने मुह में ले के चूसने लगी वो आआआअह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह् ऊऊऊऊऊउह्ह करने लगा में भी उसके लंड को चूसते चूसते आआआआआआआह्ह्ह उम्म्म्मम्म्म्मम्म्म्म जेसे आवाजे निकालती रही.

वो भी पुरे झोश में था मेरे मुह में जेसे वो चूत में लंड को घुसा के बेठा हे इसे ही वो लंड को कभी मेरे मुह के बाहर खिचता कभी मेरे मुह के अन्दर घुसाता मेरे मुह से वो चोद रहा था. उसने एसा मेरे साथ ३० मिनट से ज्यादा देर तक किया.

फिर उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और देर तक हम दोनों नंगे ही चिपक के बेठे रहे फिर वो उठा और मुझे बोला में अपनी टाँगे फेला के बेथ जाऊ मेने वेसा ही किया में अपनी टाँगे फेला के उसके सामने बेथ गयी वो मेरी नाजुक गुलाबी गुलाबी चूत को देखने लगा सेक्सी सेक्सी नजरो से वो मेरी चूत को देख रहा था.

फिर वो उठा और उसने सीधे ही मेरी चूत के अन्दर लम्बा लंड मेरी चूत में घुसा दिया. वो पूरा मेरी चूत के ऊपर बेथ गया तो उसका लंड पूरी तरह से मेरी चूत के अन्दर ही घुस गया और ऊपर बेठे बेठे ही उसने मेरी चूत के अंदर ही लंड को घुमाना सुरु किया जो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा ये अदा तो मेने ही देर तक करते रहने को कहा काफी मजे लूटने के बाद वो उठा और उसने लंड को धक्के देने सुरु किये.

वो लंड को अन्दर बहार कर कर के मेरी चूत को चोदने लगा. बहुत देर तक वो मेरी चूत को इसे ही चोदता रहा, में भी चुदवाने में कुछ कम नहीं थी मेने भी अपनी गांड हिला हिला कर उसके लंड से अपनी फूली फूली चूत को आखिर चोदवा ही डाला चुदवा चुदवा के चूत को लाल टमाटर बना दिया. फिर दोस्तों झोर झोर से वो मुझे चोदने लगा और आखिर में वो मेरी चूत के अन्दर ही झड गया.

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