Monday, 17 October 2016

बस में आंटी की चूत का भोसड़ा बनाया

bus me chudai
हैल्लो दोस्तों, में इस साईट का बहुत पुराना पाठक हूँ और मैंने इस साईट पर बहुत सारी स्टोरी पढ़ी है और मुठ भी मारी है और आज में आपको मेरी सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ। मुझे जब अहमदाबाद से पूना काम के सिलसिले में जाना था तो मैंने एक ट्रेवेल्स में ए.सी. की स्लीपर बुक कर दी। शायद 14 घंटे का रास्ता था और ट्रेन में बुकिंग नहीं हो पाई थी, क्योंकि दीवाली का समय जो था। मुझे बस में टिकट बुक करनी पड़ी, वैसे बस तो बहुत ही बढ़िया थी और 2X1 थी, लेकिन मुझे जब सीट मिली तब सिर्फ़ एक ही 2 साईज़ का सोफा खाली था तो मुझसे 500 रुपये ज़्यादा लिए और बोला कि अगर कोई मिल गया तो आपको 500 रुपयें वापस कर देंगे, वरना आपको ही 500 ज़्यादा भरना पड़ेगा।

अब मेरे पास कोई चारा नहीं था और में पहले से ही 3 ट्रेवेल्स में पूछ चुका था, लेकिन सब बुक थी तो मैंने भी मज़बूरी में हाँ बोल दिया। अब अहमदाबाद से बैठने के बाद में स्लीपर में सेट हुआ और नाईट का सफ़र होने की वजह से में थोड़ा म्यूज़िक लगाकर थोड़ी देर टाईम पास करने लगा। अब बस करीब अहमदाबाद से बाहरी इलाक़े में पहुँची थी तो बस वहाँ पर रुकी। फिर मेरे कैबिन में दस्तक हुई। फिर मैंने कैबिन खोला और पाया कि क्लीनर एक लेडी को लेकर आया था और मुझे बोला कि इनको आपकी बाजू वाली सीट दी है। अब मेरे तो आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा। फिर क्लीनर ने तभी मुझे मेरे 500 रुपये वापस कर दिए और हंसकर चला गया। फिर मैंने उस औरत को विंडो साईड जाने दिया। फिर उसने अपना थोड़ा सामान इधर-उधर किया और फिर पीठ को टिकाकर बैठ गयी। अब उसको मैंने ध्यान से देखा तो वो खूबसूरत थी, उम्र करीब 35 साल के आस पास होगी और रंग मीडियम, होंठ पिंक रंग की लिपस्टिक से सजे हुए और स्तन भी आकर्षक थे, करीब 36 की साईज़ का, हिप्स भी बड़े दिख रहे थे कोई 36-38 के होंगे, उसके बदन से लेडीस पर्फ्यूम की स्मेल आ रही थी और जो हमारी कैबिन को सुगंधित बना रही थी। फिर उसने बस में सेट होने के बाद मुझसे पूछा कि आपको कहाँ जाना है?

में : जी, मुझे पूना तक और आपको?

वो बोली : मुझे भी पूना ही जाना है।

में : क्या आप वहाँ की ही रहने वाली है?

वो : नहीं, में अहमदाबाद में ही रहती हूँ, लेकिन वहाँ मेरी चचेरी बहन की शादी है और दीवाली की छुट्टियाँ भी है तो वहाँ जा रही हूँ और आप?

में : जी, में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता हूँ और काम के सिलसिले में ही पूना जा रहा हूँ।

वो बोली : ओके।

में : मेडम आपका पर्फ्यूम बड़ा ही अच्छा है पूरी कैबिन सुगंधित हो गया है।

मैंने फिर उससे पूछा : क्या आपके पतिदेव शादी में नहीं जा रहे है?

वो : जी, वो तो जब शादी होगी तब दो दिन पहले आयेंगे और बच्चे भी स्कूल की वजह से शादी के टाईम ही आयेंगे और मेरी बहन की शादी है तो काम-काज करने के लिए मुझे थोड़ा जल्दी जाना पड़ रहा है।

में : ओह तो आपके बच्चे आपके बिना कैसे रहेंगे?

वो : क्यों नहीं रह सकते? मेरी लड़की अब 15 साल की है और वो आराम से घर संभाल सकती है।

में : क्या? आपकी इतनी बड़ी बेटी है? आपकी उम्र देखकर लगता नहीं कि आपकी इतनी बड़ी बेटी होगी।

फिर वो शर्मा गयी, आप भी ना, में इतनी भी जवान नहीं कि जो आप मेरी झूठी तारीफ कर रहे है।

में : नहीं मेडम जी, सच में आप 25-27 साल से ज़्यादा की नहीं दिखती है।

वो : खाली मक्खन मत लगाइये, मुझे भी सब मालूम है।

में : नहीं मेडम जी, सच में मुझे यकीन ही नहीं हो रहा है।

वो : छोड़िए वो सब, लेकिन आप बताइयें कि आप अहमदाबाद में क्या करते हो?

में : जी, में एक फ़ार्मा कंपनी में हूँ और मुझे कई बार कस्टमर के यहाँ महीने में एक दो बार जाना पड़ता है, फीडबैक लाने और नई प्रोडक्ट के बारे में जानकारी देने के लिए।

वो : बहुत अच्छा जॉब है आपका, क्या आपकी शादी हो गई है?

में : नहीं जी, अभी तो में सिर्फ़ 23 साल का हूँ, मेरा अगले 3-4 साल तक तो कोई इरादा नहीं है और जब सेट हो जाऊंगा तो करूँगा, लेकिन मेडम जी हमने इतनी बात के बाद भी एक दूसरे के नाम नहीं जानते, क्या में आपका नाम जान सकता हूँ?

वो : जी, में वीना और आपका नाम?

में : जी, में रोहित।

वीना : रोहित, तुम मुझे मेडम जी मेडम जी मत बुलाया करो में कोई मेडम नहीं सिंपल हाउस वाईफ हूँ, तुम सिर्फ़ मुझे भाभी या वीना बोलोगे तो भी चलेगा।

में : ठीक है भाभी।

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