Friday, 7 October 2016

भाभी को माँ बनने का सुख दिया

हाई, मेरा नाम राज आर्यन है और मैं आसाम का रहने वाला हु और मैं बीए थर्ड इयर में पढ़ाई कर रहा हु. मेरी ऐज २१ इयर्स है और में हाइट ५.८ फिट है. गर्ल्स, भाभीज और आंटीज, मेरे लंड का साइज़ ८.४ इंच इन लम्बाई एंड ३.४ इंच इन मोटाई में है. अब मैं आपको बोर ना करते हुए, सीधे स्टोरी पर आता हु. ये २ साल पहले की बात है, मेरे कॉलेज में गर्मी की छुट्टिया चल रही थी. हम चार लोग है घर में मैं, भैया, माँ और पापा. मैं एकदिन मेरे मामा के घर गया था. उनकी बेटी की शादी तय हो गयी थी और पापा ने मुझे पहले ही उनके घर भेज दिया. क्योंकि लड़की वालो के घर में कुछ काम ज्यादा ही होता है. जब मैं मामा जी के यहाँ पर गया, तो हम खूब खुश हुए. कॉलेज के चक्कर में, मैं कहीं नहीं जा पाता था और मैं उनके घर पर भी काफी दिनों के बाद गया था. मामा – मामी, नाना – नानी, भैया – भाभी सभी बहुत से लोग आये हुए थे शादी में. वो सब मुझे देख कर बहुत खुश थे. खास कर भैया की बीवी मुझे देख कर बहुत खुश थी. मेरी उनसे बहुत अच्छी पटती थी. मैं जब भाभी के यहाँ होता था, तो उनके इर्द –गिर्द मंडराता रहता था. भाभी बहुत ही सुंदर थी.

उनका नाम पिंकी है. उनका रंग एकदम गोरा और नीली आँखे एकदम नशीली है. उनके शराबी होठ और देखने का अंदाज़ एकदम से होश उड़ा देता है. उनके चेहरे पर हर समय एक क्युटी सी स्माइल होती है, जो उन्हें परी की तरह सुंदर बना देती है. उस दिन तो वो ब्लैक साड़ी में कयामत लग रही थी. उनकी ऐज २८ की होगी और फिगर का तो पुछो मत.. क्या मस्त है फिगर उनका ३६ – २८ – ३८ का होगा. कोई भी देख ले, तो उसके मुह में पानी आ जाए. पता नहीं भैया की किस्मत इतनी अच्छी कैसे थी. भाभी ने मुझे फ्रेश होने के लिए एक रूम में ले गयी और खुद नीचे चली गयी. मैंने फ्रेश होकर नीचे गया और खाना खा कर काम में लग गया. २ बीत जाने के बाद, थोड़ा आराम करने का टीम मिला. तो मैं भाभी के रूम में टीवी देखने लगा. भाभी तभी चाय लेकर आ गयी. हम दोनों ने साथ में बैठ कर चाय पी और बातें करने लगे. मैंने कहा – भाभी काम नहीं है क्या? भाभी ने जवाब दिया – यार, पूरा शरीर दुःख रहा है. थोड़ा आराम करना चाहती हु. मैंने कहा – ओके भाभी. आप आराम कीजिये. मैं बाहर जाता हु. भाभी बोली – बैठ जा यहीं. बातें करते रहनेगे. भाभी ने पूछा – तू आता नहीं है. याद नहीं आती है क्या हमारी?

मैं – ऐसी बात तो नहीं है भाभी. बस टाइम ही नहीं मिलता. पढाई में बिजी रहता हु. देखो, टाइम मिलते ही आ गया आप लोगो से मिलने.

भाभी – बस कर. पढाई या लड़की. वैसे तेरी गर्लफ्रेंड का क्या हुआ?

मैं – भाभी, ब्रेकअप हो गया. (भाभी मुझ से पहले से ही खुल कर बातें करती थी) अब दूसरी बनाने की तैयारी में हु.

भाभी – अच्छा, कौन है?

मैं – आपकी बहन पूजा. मुझे बहुत पसंद है. कुछ हेल्प कर दो.

भाभी – अच्छा बच्चू. मेरी बहन पर नज़र है तेरी. वैसे वो पटने वाली नहीं है तुझसे.

मैं – क्यों? क्या कोई है पहले से उसका?

भाभी – पता नहीं. लेकिन वो प्यार के खिलाफ है. उसे प्यार में ट्रस्ट नहीं है.

मैं – ओह, अब तो अकेले ही रहना पड़ेगा. वैसे भाभी, आपका और भाई का प्यार तो मस्त होगा ना. ( भाभी पहले ये सुनकर एकदम से उदास हो गयी और फिर चुप हो गयी. मैं एकदम से चुप रहा). मुझे कुछ गड़बड़ लगा और फिर मैं ने उन से पूछ लिया – क्या हुआ भाभी? आपके चेहरे पर उदासी क्यु है? आप मुझे बता सकती हो. हम दोनों दोस्त है ना…

भाभी – प्यार बहुत करते है. कभी घर की याद नहीं आने देते है. हमेशा खुश रखते है. किसी भी चीज़ की कमी नहीं होने देते है. इनके घर वाले भी मुझे एकदम बेटी की तरह से रखते है.

मैं – तो प्रॉब्लम क्या है? फिर भाभी ने जो कहा – मैं एकदम से चौक गया. वो बोली – मैं कभी माँ नहीं बन पाऊँगी और वो एकदम से रोने लगी. मैंने कहा – ओएम्जी.. भाभी ने डॉक्टर को दिखाया.

वो बोली – देखा, तुमने भी मुझे ही बोला ना. प्रॉब्लम मुझ में नहीं.. तुम्हारे भाई में है. ये बात मुझे और सिर्फ तुम्हारे भाई को ही मालूम है. घर में किसी को पता नहीं है. लोग जान जायेंगे.. तो बड़ी बदनामी होगी… घर वाले भी दुखी होंगे.. मैंने नहीं चाहती, कि किसी की बदनामी हो.

मैं – पर भाभी, कब चुप रहोगे आप लोग? कभी ना कभी तो बताना पड़ेगा और दूसरा कोई उपाय भी तो नहीं है.

भाभी – उपाय है. लेकिन तुम्हे मेरी हेल्प करनी पड़ेगी.

मैं – क्या मतलब? कैसे उपाय और कैसी हेल्प? (भाभी ने जो कहा, उसको सुनते ही.. मेरे पैरो के तले से जमीन सरक गयी).

भाभी – तुम्हारे भाई और मैंने डीसाईड किया है, किसी के बच्चे को अपने पेट में लेना है और फिर हम किसी को पता नहीं चलने देंगे.

मैं – भाभी क्या बोल रहे हो? और किसका बच्चा?

भाभी – तुम्हारे भाई चाहते है, कि तुम मुझे बच्चा दो.

मैं – मैं कैसे भाभी? नहीं भाभी और मैं चुप हो गया. लेकिन मुझे पता ही नहीं चला, कि कब भैया हमारे बातें सुन रहे थे. भाई आये और बोले – राज.. प्लीज हम लोगो की हेल्प करो. वो मेरे पैर पड़ने लगे और मैं बहुत सोचा और फिर मुझे ठीक लगा और मैंने उनको ओके बोल दिया. वो दोनों एकदम से खुश हो गये और फिर फिर भैया बोले – तुम दोनों को २ दिन के लिए बाहर भेजने की तैयार कर देता हु. थोड़ी देर बाद उन्होंने हमसे आ कर कहा, कि मैंने घर वालो को बोला है, भाभी की सहेली बहुत बीमार है और भाभी को जाना है. सब मान गये है. अगले दिन, मैं और भाभी एक होटल में गये और एक कमरा ले लिया और रेस्ट करने लगे. कुछ देर हम खामोश रहे और फिर मैंने भाभी को डायरेक्ट लिप किस करना शुरू कर दिया. भाभी भी पूरा साथ देने लगी और किस करते – करते दोनों पुरे नंगे हो गये और एक दुसरे को चूमने लगे. मैंने भी भाभी के बूब्स को चूमना शुरू कर दिया और भाभी अहः अहः अहः अहः उह्ह्ह्ह उफ्फ्फ करके मोअन करने लगी.

मैंने कहा – भाभी चुदाई के लिए तैयार हो? भाभी ने कहा – अभी नहीं. पहले मैं तुम्हारे लंड से खेलना चाहती हु. चुदाई के लिए बहुत टाइम है. पर मैं नहीं माना और भाभी के ऊपर आ गया और मैंने फिर अपने लंड को उनकी चूत पर सेट किया और एक जोर का धक्का मारा. मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुस गया. भाभी जोर से चिल्लाई – आहाहह्हा अहहह्हा मर गयी… तुम्हारा लंड, तो तुम्हारे भाई के लंड से बहुत बड़ा है… अहहः अहहाह अहहाह… मुझे उनकी सिस्कारिया सुन कर जोश आ रहा था और मैंने फिर से एक और धक्का मारा और मेरा पूरा लंड उसकी चूत में उतर गया. भाभी दर्द से काँप रही थी और उनकी आँखों में आंसू आने लगे थे. वो बोल रही थी – राज धीरे करो.. मैंने होले – होले उनको चोदता रहा.. हाहाह अहः अहः. भाभी को अब मज़ा आने लगा था और वो बोलने लगी – राज अब जोर से चोद… और जोर से मेरी चुदाई करो हाहाह अहः अहहाह अह्हह.. वो सिस्कारिया और आहे भर रही थी और मैं उनकी जोरदार चुदाई करता रहा. वो बोलने लगी – राज… आज आया है असली चुदाई का मज़ा… इतने साल में. अहहहा अहहाह चोदो मुझे… आई लव यू… अहहहा अहहाह अहः ऊउफ़ुफ़ुफ़ुफ़ चोद मुझे चोद डाल हाहाह अहहाह अहः… मैंने उनको कहा… भाभी मुझे पूजा को चोदना है… वो बोली – साले.. पहले मुझे तो माँ बना दे… फिर पूजा को भी चुदवा दूंगी… अहहह अहहाह.. मस्त… एस एस… चोदो मुझे और जोर से चोदो… मैंने कहा – भाभी, मैं आपको हमेशा से ही चोदना चाहता था.

हम दोनों की चुदाई पुरे ३५ मिनट तक चली और इस बीच भाभी ३ बार झड चुकी थी. जब मैंने आने वाला था, तो मैंने अपना माल भाभी की चूत में छोड़ दिया. फिर मैंने भाभी को २ दिन लगातार मस्त जोरदार चोदा और फिर मेरी इस चुदाई से भाभी मेरे बच्चे की माँ बन गयी. उन्होंने उसका नाम आकाश रखा है. तो दोस्तों, आपको कैसी लगी.. मेरे जीवन की ये सच्ची घटना

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