Monday, 7 December 2015

स्कूल मे रोमिका की चुदाई

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अमित है में और मेरी पत्नी पिछले कुछ सालों से लगातार सेक्सी कहानियाँ पढ़ते आ रहे है और आज में आप सभी के साथ अपनी एक सच्ची कहानी बांटना चाहता हूँ| जिसमे मेरी पत्नी ने अपनी पहली चुदाई के पूरे पूरे मज़े लिए, लेकिन यह कहानी मेरी पत्नी की है इसलिए में अपनी पत्नी रोमिका की कहानी उसी की ज़ुबानी सुनाना चाहता हूँ वैसे में पहले बता दूँ कि रोमिका एक बहुत ही कामुक औरत है |

और वो हमारी शादी के पहले भी बहुत सुंदर थी, लेकिन अब तो वो एकदम निखर गई है चेहरे से कोई भी नहीं कह सकता कि वो एक शादीशुदा औरत है, उसके बूब्स एकदम रसीले आम के रस जैसे है जो आकार में 34 इंच के है |

और उसकी गांड ज्यादा उभरी हुई होने की वजह से एकदम गोल दिखाई देती है जिसको देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो जाए।

मेरी उसको चोदकर कभी भी भूख नहीं मिटती, उसकी जितनी चुदाई करो उतनी ही कम है। वो बहुत कामुक औरत है और अब दोस्तों इसके आगे की कहानी मेरी पत्नी रोमिका की ज़ुबानी।

हैल्लो दोस्तों सभी चूत और लंड वालों को रोमिका का आदाब दोस्तों मेरी शादी होने के बाद अमित ने मुझे एक दिन की सेक्सी कहानियों के बारें में बताया|

और तब से ही में इस साईट की सेक्सी कहानियों को लगातार पढ़कर इनके मज़े लेती आ रही हूँ और एक दिन मैंने मन ही मन में विचार किया कि क्यों ना में अपनी भी सच्ची सेक्स घटना को आप सभी लोगों को सुनाऊँ? वो घटना मेरे साथ अपने स्कूल में घटित हुई थी।

तो दोस्तों अब आप सभी का ज्यादा समय ना लेते हुए में अपनी कहानी शुरू करती हूँ और वैसे यह तब की बात है जब में स्कूल में पढ़ती थी। पहले में आप लोगो को बता दूँ कि मेरे घर में मेरी मम्मी जो एक ग्रहणी है और मेरे पापा जो कि एक बहुत बड़ी कंपनी में मेनेजर की नौकरी करते है|

और मेरे भैया जो कि एक कंपनी में मार्केटिंग की नौकरी करते है मेरे भैया की शादी को हुए एक साल ही हुआ था और भैया भाभी का रूम और मेरा रूम पास पास ही है और हर रोज मुझे उनके रूम से रात को कुछ अजीब सी आवाज़ आती थी|
और जब में कभी भाभी से उन सभी आवाजों के बारे में पूछती तो भाभी हंसकर मेरी बात को हमेशा टाल देती थी और वो मुझसे कहती कि ठीक समय आने पर मुझे खुद पता चल जाएगा और में एक दिन सब कुछ समझ जाउंगी।

दोस्तों में उनकी उलझी हुई बातों का मतलब बहुत अच्छी तरह से समझ जाती थी कि वो मुझे वो पूरी बात नहीं बता रही और मैंने सुना तो बहुत बार था, लेकिन कभी अपनी आखों से मैंने किसी को सेक्स करते हुए नहीं देखा था इसलिए मैंने एक दिन दरवाजे के छेद से अंदर देखने का प्लान बनाया|

और फिर मैंने अंदर क्या देखा कि मेरी भाभी अपनी चूत में भाई के लंड को डालकर वो उनके ऊपर बैठकर लगातार तेज तेज उछल रही है और मोन भी कर रही है आहहह उफफ्फ्फ्फ़ हाँ चोदो मुझे आईईईई वाह मज़ा आ गया।

दोस्तों उनकी चीखने की आवाज़े बाहर तक भी आ रही थी वो बहुत ही कम समय में वो सब देखकर तुरंत गरम हो गई और तभी मेरा हाथ अपने आप मेरी चिकनी, कमसिन, अभी अभी हुई जवान चूत पर चला गया मैंने उस समय बिना पेंटी के केवल लोवर ही पहना हुआ था|

क्योंकि में हर रात को कभी भी ब्रा, पेंटी नहीं पहनती में केवल टीशर्ट और लोवर पहनती हूँ जिसकी वजह से मुझे एकदम खुला खुला बहुत अच्छा महसूस होता है और अब में अपने लोवर के ऊपर से ही मेरी उस चूत को मसलने लगी थी आहह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ और कुछ देर बाद मैंने महसूस किया कि उनको सेक्स करता देख चूत को मसलने का मज़ा ही बिल्कुल अलग था।

मैंने अपनी ऊँगली को ना चाहते हुए भी अपनी चूत में डाल दिया और अब में हर एक बात से बेखबर होकर अपनी ऊँगली को अंदर बाहर करने लगी थी और कुछ ही देर में मेरा सारा गरम गरम पानी बाहर निकल गया और तब से मुझे सेक्स का नशा सा चड़ गया और अब में हर रोज उन्हे उस छेद से चुदते हुए देखने लगी थी|

और अपनी चूत को मसलने लगी, लेकिन दोस्तों यह मेरी चूत की खुजली अब बिना लंड के कहाँ मिटने वाली थी? इसलिए में अब सोचने लगी थी कि कैसे लंड लिया जाए और फिर में अपनी क्लास के लड़को को अपनी बातों में फंसाकर अपनी तरफ आकर्षित करने लगी थी।

हमारे स्कूल में लड़कियों को शर्ट और स्कर्ट पहननी होती है। में अब लड़कों को दिखाने के लिए अपनी स्कर्ट को ऊपर की तरफ से मोड़कर पहनने लगी थी|

जिससे कि मेरे गोरे गोरे पैर और भरी हुई जांघे और भी ज्यादा साफ साफ दिख सके। माफ़ करना दोस्तों में आपको पहले बताना भूल गई कि मेरी लम्बाई 5.6 है और मेरा रंग एकदम साफ मेरी गोरी गोरी मोटी जांघो को देखकर सभी लड़को का मन मचल उठता था।

एक दिन की बात है फ्री पीरियड्स में जब हम सभी लोग मस्ती कर रहे थे तो मेरे साथ क्लास में पढ़ने वाला एक लड़का उसका पेन लेने के लिए नीचे झुका और तभी उसकी नज़र मेरे पैरों की तरफ चली गई और वो मेरे गोरे चिकने पैरों को लगातार घूरते हुए देखने लगा था|
और फिर मैंने जानबूझ कर अपने दोनों पैरों को एक दूसरे से अलग किए जिसकी वजह से उसको मेरी पेंटी के दर्शन हो सके और ठीक वैसा ही हुआ जैसा मैंने सोचा था, वो बहुत देर तक ऐसे ही बिल्कुल चकित होकर देखता रहा और अब मेरी चूत में खुजली शुरू हो गई।

उस लड़के का नाम राहुल था और वो कुछ देर बाद उठकर अपनी जगह पर बैठकर ना जाने क्या सोचने लगा। दोस्तों उसके अगले दिन मैंने जानबूझ कर अपनी स्कर्ट के नीचे पेंटी नहीं पहनी|

और जिस बात का मुझे पूरा पक्का यकीन था दूसरे दिन ठीक वही हुआ और आज फिर राहुल सही मौका देखकर किसी बहाने से तुरंत नीचे झुक गया और अब वो मेरे पैरों की तरफ देखने लगा, लेकिन तब मैंने अपने पैरों को एक दूसरे पर रखे हुए थे,|

लेकिन तब भी वो देखता रहा और फिर कुछ देर बाद मैंने अचानक से एक झटके में दोनों पैरों को अलग कर दिए थे जिसकी वजह से वो एकदम से चकित हो गया और चकित होकर गिर गया और मेरी खुली चूत को देखता रहा।

दोस्तों ऐसे खुले आम मेरी चूत के दर्शन करवाकर अब मेरी चूत भी बहुत गीली हो गई शायद उसने भी इस बात को महसूस कर लिया था फिर उसने मुझे देखा और हमारी नज़रे एक दूसरे से मिल गई उसने मेरी तरफ देखकर मुझे स्माइल दी और मैंने उसकी तरफ हल्की सी आँख मार दी। दोस्तों यह सिलसला कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा और वो किसी ना किसी बहाने से मुझे कहीं भी हाथ लगा देता।

कभी मेरी गांड पर, तो कभी कमर पर, कभी चूत पर और तभी में चहक उठी उसके स्पर्श से मेरे अंदर एक अजीब सा जोश आने लगा और मुझ में आगे बढ़ने की हिम्मत आने लगी थी।

फिर एक दिन जिसका मुझे बहुत दिनों से इंतज़ार था वो दिन आ ही गया में उस दिन अपनी क्लास से छुट्टी होने के बाद सबसे आखरी में बाहर निकली और वो बाहर खड़ा होकर मेरा बाहर निकलने का इंतजार कर रहा था।

फिर मेरे बाहर निकलते ही उसने पीछे से आकर हिम्मत करके मुझे सीड़ियों पर कसकर पकड़ लिया वाह मज़ा आ गया आअहहहह उसका स्पर्श पाकर और अब उसका मुझसे कसकर चिपकना उफफ्फ्फ्फ़ जिसने मेरी चूत में आग लगा दी थी|

और में भी कब से इस पल का कितना इंतज़ार कर रही थी, वो बिल्कुल पागलों की तरह मेरे पूरे शरीर पर किस करने लग गया और मेरी गांड को दबाने लगा आह्ह्ह्ह उसका हर एक काम मुझे और भी मदहोश कर रहा था, इसलिए में भी अब उसका पूरा पूरा साथ देने लगी थी और हम दोनों एक दूसरे के होंठो से होंठ मिलाकर किस करने लगे थे|

और मुझे किस करते करते वो मेरे बूब्स को भी दबाने लगा था और फिर कुछ देर बाद वो मेरी स्कर्ट के अंदर अपना एक हाथ डालकर मेरी चूत को सहलाने लगा।
उस वजह से में बहुत गरम हो गई थी, मैंने तुरंत उसका लंड उसकी पेंट के ऊपर से पकड़ लिया और दबाने लगी थी सहलाने लगी थी। तभी उसने अचानक से अपनी एक उंगली को मेरी चूत में डाल दिया आहह्ह्ह्ह जिसकी वजह से मेरी तो जैसे जान ही निकल गई और अब तक मेरी चूत ने अपना पानी छोड़ दिया था और राहुल ने अपनी उंगली पर लगा वो सारा पानी चाट लिया था।

अब में राहुल से बोलने लगी थी आओ राहुल चोद दो मुझे प्लीज थोड़ा जल्दी करो चोदो मुझे राहुल उफ्फ्फ्फ़ हाँ चोद दो मुझे, में बहुत दिनों से तड़प रही हूँ। फिर राहुल मुझे अपनी गोद में उठाकर क्लास रूम में ले गया और उसने तुरंत अंदर से दरवाजा बंद कर दिया।

फिर तभी उसने मुझे बेंच पर पटक दिया और अब उसके मेरी स्कर्ट को ऊपर उठा दिया और मेरी गीली चूत को वो धीरे धीरे सहलाने लगा। दोस्तों में सच कहूँ तो मुझे इतना मज़ा आज तक पहले कभी नहीं आया था।

मैंने जोश में आकर राहुल का सर पकड़कर अपनी चूत पर रख दिया वो मेरी चूत को चाटने लगा आह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ उसका चूत चाटने का तरीका मुझे एकदम पागल कर रहा था।

मुझे आज तक ऐसा कभी महसूस नहीं हुआ था और मेरा मन कर रहा था कि में बस उससे अपनी चूत को चुसवाती रहूँ।

फिर मैंने राहुल की पेंट को ज़िप को खोल दिया और लंड को बाहर निकाल लिया और फिर उसको मुहं में ले लिया वाह क्या स्वाद था उसका, वो एकदम गरम, कड़क जिससे मुझे एक अजीब सा नशा सा होने लगा था।

अब राहुल मेरे बूब्स को दबाने लगा था और फिर उसने जोश में आकर मेरी शर्ट के सभी बटन एक झटका देकर तोड़ दिए और अब वो मेरी ब्रा से बूब्स को बाहर निकालकर चूसने लगा आहह्ह्ह्ह वाह मुझे कितना मज़ा आ रहा था।

राहुल कभी मेरी चूत को चूस रहा था तो कभी मेरे बूब्स को चूसने के साथ साथ निचोड़ भी रहा था और में सिसकियाँ लेते हुए ज़ोर ज़ोर से आहहह हाँ राहुल आईईईई चूसो इन्हें पी जाओ चूस लो आज तुम मेरी चूत को खा जाओ वाह मज़ा आ गया हाँ तुम आज चूस लो इनका सारा रस|

और अब में इतना कहते हुए दूसरी बार झड़ चुकी थी उफ्फ्फ्फ़ आह्ह्ह्हह् प्लीज राहुल अब मुझसे नहीं रहा जाता, हाँ अब तुम प्लीज डाल दो तुम्हारा लंड मेरी चूत के अंदर और चोद दो मुझे, बना लो मुझे अपनी रंडी में कब से इस दिन के लिए तड़प रही हूँ |

आअहह राहुल आओ मेरी बेबी चोदो मुझे। तो राहुल ने इतना सुनकर तुरंत मुझे घोड़ी बना दिया और उसने अपने लंड पर बहुत सारा थूक लगाया |
और फिर उसने सही मौका देखकर एक ज़ोर का झटका देकर अपना पूरा लंड डाल दिया हाए माँ में मर गई आअहह आईईईईई राहुल मेरी चूत फट गई तू इसको बाहर निकाल साले कमीने तूने फाड़ दी मेरी चूत आहहहह।

अब राहुल कुछ देर ऐसे ही रहा और मेरे थोड़ा शांत होने के बाद उसने एक बार फिर से झटके लगाना चालू किया तब तक चूत का दर्द बहुत कम हो चुका था और मुझे उसका लंड मेरी चूत में अंदर बाहर आते जाते वो मज़े देने लगा था और में उससे कहने लगी हाँ राहुल आज चोद दे उफ्फ्फ्फ़ और मुझे बना ले अपनी रंडी में हर रोज तुझसे अपनी चूत को चुदवाउंगी, वाह तू तो बहुत मज़े दे रहा है।

अब राहुल भी जोश में आकर मुझसे कहने लगा कि हाँ ले साली रंडी, तू मुझे बहुत उकसाती है, फाड़ आज में दूँगा तेरी चूत को साली, तू किसी को अपना मुहं दिखाने लायक भी नहीं रहेगी।

दोस्तों वो पूरी क्लास हमारी चुदाई की आवाज़ से गूँज उठी थी और में लगातार चिल्ला रही थी हाँ राहुल मादारचोद चोद दे मुझे, बहुत खुजली है मेरी इस चूत में आज तू इसकी पूरी खुजली को मिटा दे।

अब राहुल और तेज तेज धक्के लगाने लगा था और कुछ देर बाद में एक बार फिर से झड़ गयी और मैंने राहुल के मुहं पर अपनी चूत को रख दिया और राहुल अब मेरा सारा पानी पी गया।

फिर कुछ देर बाद राहुल ने मुझे नीचे लेटाकर मेरे दोनों पैरों को ऊपर करके मेरी चूत में वो अपना लंड सरकाकर उसने मुझे चोदना चालू किया और में लगातार मोन कर रही थी और कुछ देर स्पीड में धक्के देने के बाद हम दोनों एक साथ झड़ गये और राहुल थककर मेरे ऊपर लेट गया कुछ देर हम ऐसे ही रहे।

फिर हमने जल्दी से अपने कपड़े सही किए, लेकिन राहुल ने मेरी पेंटी को अपने पास ही रख लिया। फिर मैंने राहुल के लंड को किस किया और फिर हम क्लास से बाहर आ गए।

तो दोस्तों यह था मेरा पहला सेक्स अनुभव जिसमे मैंने वो सभी मज़े लिए जिसके लिए में बहुत समय से तरस रही थी। राहुल ने मुझे बहुत जमकर चोदा और मेरी चुदाई की भूख को कुछ समय के लिए थोड़ा सा शांत किया

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