Tuesday, 15 September 2015

दोस्त की माँ को चोदा

यह बात तबकी है जब मैं 11वी साइंस में पढता था, हमारे ही अपार्टमेन्ट में हमारे फ्लैट के ऊपर मेरा दोस्त रहता था जिसका नाम रोहित था, हम साथ साथ एक ही क्लास में पढ़ते थे और एग्जाम टाइम में उसके घर ही पूरी रात रहता था उसकी माँ का नाम भावना है जो की दिखने में एकदम सेक्सी थी उसके बूब्स की तो क्या बात.. तरबूज जैसे बड़े थे वो रात को हमेशा नाईटी में रहती थी और वो ब्रा पहनती नहीं तो उसके बूब्स साफ़ दिखाई देते थे.

एक बार की बात है जब मैं और रोहित उसके घर पर स्टडी कर रहे थे तब वो पोछा लगाने आई और वो झुक कर पोछा लगा रही थी और उसके पुरे बूब्स नंगे दिख रहे थे, मेरा तो लंड पूरा खड़ा हो गया. मैं छुप कर देख रहा था तभी भावना ने मुझे और मेरे खड़े लंड को देख लिया और तुरंत वहां से चली गयी. दुसरे दिन जब मैं उसके घर गया तो वो घर पर अकेली थी और सो रही थी मैंने देखा रोहित घर पर नहीं था.

मैंने उसे फ़ोन किया तो उसने कहा की वो और उसके पापा आउट ऑफ़ स्टेशन है और रात को घर आयेंगे. मेरी तो लोटरी निकल गयी मनो, मैं भावना के पास गया और देखा तो वो पुरे तरह सो रही थी, मैंने हिम्मत करके उसके बूब्स को टच किया उसने कुछ किया नहीं.. तो मैंने उसके लिप्स पर मेरे लिप्स लगा दिए तब भी वो सो रही थी. और किस करने लगा. अचानक उसके हाथ मेरे सर पर आ गए और वो भी मुझे किस करने लगी, मैंने देखा की वो पूरी तरह जग चुकी थी.

मैं डर गया और मैं हट गया उसने कहा उसे पता था की मैं जरुर आऊंगा. भावना ने मुझे बताया की वो कबसे तड़प रही थी चुदवाने के लिए उसका पति ने उसे एक साल से छुआ भी नहीं है. और रोने लगी मेने उसको कहा आंटी आज आपकी प्यास में बुझाऊंगा और उनको किस करने लगा. और बूब्स दबाने लगा मैंने उनकी साडी निकाल दी और उनका ब्लाउज भी निकाल दिया और अब वो सिर्फ ब्रा में थी और उनका घाघरा मेने निकाल दिया.

अब वो ब्रा और पेंटी में थी उसके सिर्फ आधे बूब्स ही ब्रा में समा रहे थे मैं तो पागल हो गया और बूब्स को चूसने लगा वो अहह.. अह्ह्ह्ह… चुसो…. अह्ह्ह्ह… जैसी आवाज निकल रही थी. बाद में उसको पूरा नंगा कर दिया और मैं भी पूरा नंगा हो गया, वो मेरा लंड देख कर पागल हो गयी और चूसने लगी और हम 69 पोजीशन में आ गए.

मैंने उसकी चूत को देखा बिलकुल क्लीन शेव. एक भी बाल नहीं था और मैं चूत को चूसने लगा और उसे बहुत मजा आ रहा था और वो मेरा लंड भी अच्छी तरह चूस रही थी 5 मिनट के बाद वो झड गयी और पूरा पानी मेरे मुह पर छोड़ दिया मैं सारा पानी पी गया. और उसने कहा की अब रहा नहीं जाता मेरी चूत को चोद डालो मैंने आंटी को कहा की में पहली बार हूँ.

तो वो और भी ज्यादा खुश हो गयी. वो बेड पर लेट गयी और मैंने मेरी उंगली उसकी चूत में डाल दी बहुत ही टाइट चूत थी. उंगली भी मुश्किल से जा रही थी और वो सिसकारियां भरने लगी. अह्ह्ह… aaahhhhhh…. अह्ह्ह्हह…. अह्ह्ह्हह्ह…. फिर मैंने लंड उसकी चूत के सेण्टर पर रखा और थोडा रगड़ ने के बाद एक जोर का झटका मारा और मेरा 2 इंच तक अन्दर चला गया.

मैं पहली बार था इसलिए मुझे भी दर्द हुआ और भावना की आँख से आंसू आ गए, उसने कहा निकालो इसे फाड़ दी मेरी चूत भोसडीके मैं थोड़ी देर रुका और बाद में जब आंटी का दर्द कम हुआ तो में लुंड आगे पीछे करने लगा और वो भी गांड उछल कर चुदवा रही थी और मैंने पूरा लंड उसकी चूत में समा गया और वो अह्ह्ह… अह्ह्ह्ह… अह्ह्ह्ह… चोदो… अह्ह्ह्ह.. जैसे आवाजे निकल रही थी और पुरे रूम मेसे फ़च्छ.. की आवाज आ रही थी. 10 मिनट के बाद वो झड गयी पर मैं अभी झडा नहीं था मैंने लगातार शॉट लगा रहा था बाद में मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से लंड डालकर चोद ने लगा और फट.. फट्ट..

शॉट लगाने लगा थोड़ी देर में मैं झड गया और सारा वीर्य मैंने उसकी चूत में दाल दिया और वो आहें भरने लगी और वीर्य उसकी टाईट चूत के बाहर टपक रहा था. और मैं उसके ऊपर करीब 15 मिनट तक पड़ा रहा बाद में मैंने उसकी गांड को देखा मैंने उसको गांड मरने को कहा तो वो मान गयी और मैंने लंड उसकी गांड पर रखा और धक्का मारा पर अन्दर नहीं गया तो मैं हॉल में से आयल ले आया और पुरे लंड पर आयल लगाया इर उनकी गांड पर भी आयल लगाया और एक जोर का झटका मारा और 5 इंच उसकी गांड में वो चिल्लाई और रोने लगी..

मैं थोड़ी देर रुक कर उसके बूब्स दबाने लगा और बाद में एक जोर का झटका मारा तो पूरा लंड उसकी गांड में और लंड आगे पीछे हिलाने लगा और उसे भी मजा आने लगा करीब 20 मिनट के बाद मैं झड गया और सारा माल उसकी गांड में उसके ऊपर गिर गया. और भावना की तरफ देखा तो वो बहुत खुश थी और मुझे किस करने लगी. बाद में जब हम खड़े हुए तो मैंने उसकी टाईट चूत और गांड की तरफ देखा तो चूत का मुह तो बहुत बड़ा हो गया था और सूज गयी थी गांड का मुह भी खुल गया था. और हम दोनों ने साथ में शावर लिया और एक दुसरे को अछि तरह साफ़ किया और कपडे पहन लिए और मैंने घडी में देखा तो करीब 4 बज रहे थे.

और मेरा लंड अब शांत नहीं हो रहा था तो मैंने उसको फिर से चोद ने को कहा तो उसने कहा की वो थक चुकी है पर मैं कहा मानने वाला था मैंने उसे बेड पर पटका और किस करने लगा और उसके बूब्स दबाने लगा और निप्पल्स को काटने लगा और चूसने लगा करीब आधे घंटे तक मैंने उसके बूब्स को चूसा बाद में उसकी पेंटी निकली और उसकी चूत चाटने लगा. मैंने करीब आधे घंटे तक मैंने उसके बूब्स को चूसा बाद में उसकी पेंटी निकली और उसकी चूत चाटने लगा. मैंने फ्रीज़ में से आइस-क्रीम ले आया और उसकी चूत पर डालकर चाटने लगा और मैंने लंड उसकी चूत में डाल दिया एक झटके में मेरा पूरा लंड अन्दर और करीब आधे घंटे के बाद झड गया. और हमने कपडे पहन लिए.

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