Friday, 10 July 2015

दोस्त ने मुझे चोदा

हाय दोस्तों मेरा नाम समां हे और में मुंबई में रहती हूँ. में अकेली ही रहती हूँ क्युकी में पली बढ़ी हु एक अनाथालय में. अब मेरी उम्र २४ साल हे में एक कम्पनी में झोब करती हूँ. दोस्तों में जब ये घर किराए पे लेकर यहाँ आई तो किसी को नहीं जानती थी लेकिन अब तो मेरी अच्छी दोस्ती हो गयी हे सबके साथ. और सबसे अच्छी दोस्ती तो हुई थी समद के साथ जो ठीक मेरे घर के बगल वाले घर में रहता था.

वो भी घर में अकेला ही था क्युकी वो भी मेरी तरह ही एक अनाथालय में पला बढ़ा था तो हम दोनों का अच्छा मेल झोल रहता था.हम दोनों एक दुसरे की परेशानिया अच्छे से समज लेते थे. धीरे धीरे करके हम दोनों इतने करीब आ गए की अब तो में उसके घर रह लेती थी या वो मेरे घर आ जाता था.

हम दोनों अब एक दुसरे के बिना नहीं रेह सकते थे. तो हम दोनों ने तय किया की ये तो प्यार हे की हम दोनों को एक दुसरे से झुड़ता ही जा रहा हे हमें एक दुसरे को प्रपोज किया हम दोनों ने ही स्वीकार भी किया. यु तो हमें कोई रोकने टोकने वाला नहीं था और नाही हम दोनों को किसी का डर था.

अब हम दोनों साथ साथ ही घूमते थे कही भी जाते साथ साथ ही रहते थे. क्या करे दिलको चेन ही नहीं पड़ता था जब भी हम दोनों कही कुछ काम के लिए निकलते हम दोनों की हालत एक जेसी हो जाती थी. घर पर भी हम दोनों साथ ही रहते थे. रात को एक ही कमरे में सोते थे.

दोस्तों एसे एसे हमने ६ महिना गुजरा होगा की अब तो बात हमारी प्यार से गुजर कर सेक्स के मोड़ पर आ  गयी थी. अब समद मुझे लिप किस करने लगा था और में भी उसे किस करती थी हम दोनों का ये सिलसिला शायद एक महिना जेसा चला होगा हम दोनों इतने एक्साईटेड हो जाते की एक दुसरे के होठ को ही चबा लेते थे.

दोस्तों में आप सब को मेरी और समद की सेक्स स्टोरी बताने जा रही हूँ दोस्तों मुझे उम्मीद हे की हमारी सेक्स स्टोरी आप सभी को पसंद आएगी. अब तो हम दोनों ने दो घर के बदले एक ही घर में रहने का सुरु कर दिया हम दोनों एक घर में साथ साथ रहने लगे थे.

एक दिन में अपने काम से जल्दी घर आ गयी तो देखा की समद पहले से ही घर आ गया हे.मेने अन्दर जाते ही उसे पूछा की क्यों आज क्या बात हे जल्दी घर पर आ गया तू तो उसने बताया की काममे दिल नहीं लग रहा था और सर भी बहुत दुःख रहा था.

तो कुछ देर आराम कर ले और हां दवाई ली तूने …मेने सर दर्द की दवाई खाते हुए उससे पूछा. तो वो मेरे सामने देख कर मुजको ही पूछने लगा की तुम केसी दवाई खा रही हो क्या हुआ हे तुम्हे तो मेने उसे बताया की मेरा भी मन नहीं लग रहा था काममे और सर में दर्द तो मेरे भी हे इस लिए में भी हाफ डे की छुट्टी ले कर में आ गयी.

उसने कहा अच्छा किया में भी घर तो आ गया था लेकिन बोर हो रहा था कहते हुए वो मेरी गोदी में आकर सो गया. मेने उसके सर में विक्स लगा कर सर मालिस कर दी. उसे आराम रहा फिर उसने भी मुझे एसे ही मालिस कर दी अब थोड़ी देर के बाद मुझे भी अच्छा तो लगने लगा था लेकिन सर अब भी थोडा थोडा दुःख रहा था.

उसने मुझे जब पूछा की अब केसा हे दर्द तो मेने उसे बताया की कम हुआ हे लकिन अब भी थोडा दुःख रहा हे तो वो एक दम से बोला वो दूसरा तो कुछ नहीं अगर तुम कहो तो बताऊ तुम्हारा सर तुम्हे क्यों हेरान परेशान कर रहा हे तो मेने उससे पूछा क्यों…? क्यों हेरान परेशान कर रहा हे मेरा सर मुजको… तो वो बोला ये सिर्फ मुजको मांग रहा था मेरे लैंड को मांग रहा था.

अगर तू कहे तो में तेरे सर का दर्द दूर कर सकता हु. में उसकी बात समज चुकी थी वो मुझे चोदना चाहता था मेने उसे कहा कोई बात नहीं सर दर्द दूर करदे मेरे राजा बोलते हुए मेने उसके माथे पर किस की तो उसने फिर मुझे उठने ही नहीं दिया.

उसने मुझे खिंच कर अपने निचे कर लिया और अब वो मुझे चूम रहा था उसने अपने गरमा गर्म होठ मेरे नाजुक गुलाबी होठो पर रख दिए. वो मुझे किस करने लगा. अच्छा लग रहा था.अब वो बढ़ते बढ़ते आगे होते जा रहा था उसने मेरे कंधो से कुर्ती को हटाया और मेरे कंधो को नंगा करके चूमने लगा वो चाट रहा था .

अब उसे किसी बात की परवाह नहीं थी एसे वो मुझे चूमे जा रहा था वो तेजी से मुझे चाट रहा था और अब तो बाईट भी करने लगा था. फिर तो उसने मेरे टॉप को ऊपर से हटा दिया और मुझे छाती पर बाईट करने लगा मुझे जलन हो रही थी.

फिर उसने मेरे बूब्स पर मुह मारा अब वो मेरे बूब्स को काट रहा था उसने मेरे निपल को चुसना सुरु किया देर देर तक वो मेरे बूब्स को चूमता रहा. अब वो मेरे बूब्स को अपने हाथो में पकड़ कर दबाने लगा. वो झोर झोर से मेरे बूब्स दबा रहा था और वो खुद मुझे निचे की और चूमता हुआ जा रहा था.

में सांप की तरह इधर उधर हो रही थी. अब तो वो मेरे पेट पर किसिंग करते हुए मेरी छुट तक पहोंच गया. उसने खुद ही दांतों से मेरे नाड़े को खोला और मुझे निचे से भी नंगी कर दी. वो सीधे घुस गया मेरी चूत के अन्दर और वो मेरी चूत को चाटने लगा.१० मिनट के बाद अब भी वो मेरी सेक्सी सेक्सी छुट को चाट रहा था.

मजा आ रहा था हम दोनों मजे में चूर थे में उसके सर को अपनी छुट में हाथो से दबा रही थी वो और भी तेजी से मेरी छुट को चाटता हुआ अपनी जीभ को मेरी चूत  की दुनिया में घुसा दिया. और वो मेरी चूत अपनी जीभ से चोदने लगा.

फिर वो उठा और वो खुद ही नंगा हुआ २० सेकंड के अन्दर ही उसने अपने सारे कपड़े निकाल फेंके अब वो भी पूरा नंगा था मेरे सामने में उसके लैंड को देख रही थी. उसने हाथ में पकड़ कर मेरे हाथ में दिया में देखते ही  खुस हो गयी उसका लंड ८ इंच का लम्बा और ५ इंच का मोटा था जो मुझे बहुत अच्छा सेक्सी सेक्सी लग रहा था .

फिर तो उसने अपना लंड मेरी छुट के उपर रखा और रगड़ने लगा थोड़ी देर के बाद उसने इतने झोर से धक्का दिया की मेरी छुट के अन्दर एक ही झटके में उसका मोटा लम्बा लैंड घुस गया. पहले तो में चीख आआआआआआआआआअ करते हुए लेकिन फिर धीरे धीरे जब उसने लैंड को अन्दर बहार करके चोदना सुरु किया तो मुझे बहुत मजा आया अब तो में भी उसके साथ हुई और अपनी गांड हिला हिला कर चुदाई करवाने लगी.

५० मिनट तक चुदाई की और फिर वो मेरी छुट के अन्दर ही झड गया . हम दोनों काफी देर तक नंगे ही एक दुसरे को चिपके हुई लेटे रहे फिर हम दोनों उठे और बाथरूम में गए वह जाके साथ में स्नान किया. फिर हमने कपडे पहने और रेडी हो गए उस दिन फिर हमने रात को भी सेक्स किया. और अब तो जब भी दिल करता हे हम दोनों सेक्स करते हे.

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