Monday, 29 June 2015

बहन की चूत का बाजा बजाया

हेल्लो दोस्तों, मेरा नाम एमी है और मैं चंडीगढ़ का रहने वाला हूँ और मुझे सेक्स स्टोरी पढना पसंद है. मेरे घर में मेरे मम्मी- पापा, मेरी बहन मोना और मैं, हम चार लोग रहते है. यह बात आज से एक साल पहले की है जब मेरे ताई जी के बेटे की शादी थी.

वैसे मैं सेक्स स्टोरीज डेली पढता हूँ, और आज आप सब के साथ अपनी और अपनी बहन के बिच में जो हुआ, उसकी कहानी बताने जा रहा हूँ. आप सब को बोर न करते हुए मैं सीधे अपनी कहानी पर आता हूँ.

सब से पहले मैं आप लोगो को बता दूं, मैं देखने में किसी हीरो से कम नहीं और मेरे लंड का साइज़ ६.५ इंच है और मेरी बहन मोना भी दिखने में कम नहीं है और सब से अच्छे तो उसके मोटे मोटे चुचे है, मोना का फिगर ३४-३०-३४ है.

तो सभी लड़के लंड हाथ में ले ले, और सभी लड़की अपनी चूत में ऊँगली करने के लिए तैयार हो जाइये. तो दोस्तों, हुआ यु की मेरे भाई की शादी में बहुत से गेस्ट आये हुए थे. उन में एक लड़का था साहिल, वो मेरे ताई जी की लड़के की मौसी का बेटा था और उसकी दो बहन आई थी शादी में, बड़ी का नाम नेहा था और वो अपने पति के साथ आई थी और उसकी छोटी बहन का नाम था चारू.

चारू बहुत ही ब्यूटीफुल एंड बोल्ड टाइप की लड़की थी, और मैं तो उसे देखते ही उसका दीवाना हो गया था. और धीरे- धीरे मैंने और उसने बात करनी शुरू कर दी. इधर मैं चारू को पटाने में लगा था. उधर साहिल मेरी बहन मोना के पीछे लगा हुआ था, और पता नहीं कब मेरी बहन और साहिल की फ्रेंडशिप हो गयी.

यह बात मुझे बाद में चारू ने बताई की उसने ही अपने भाई की बात मोना से करवाई थी, शादी के दो दिन पहले मैं, मोना और चारू मार्किट गए थे और मेरी बहन को कुछ सामान खरीदने के लिए एक कॉस्मेटिक की शो पर जाना था. और मेरी बहन ने मुझे बाहर रुकने को कहा, क्यूंकि उसने अपने अंडर गारमेंट्स लेने थे.

उसके बाद हम ने और भी शौपिंग की और फिर घर की तरफ चल दिए. घर पहुच ने पर मेरी बहन को याद आया कि उसका एक कैरी बैग वही शॉप पे रह गया है.

तभी वहां मेरी ताई जी आ गए और मोना को अपने साथ चलने को कहा. तभी मेरी बहन ने चारु को मेरे साथ वोही शॉप में जाने के लिए बोला और शौपिंग बैग लेन को कहा और वो खुद वो ताई जी के साथ चली गयी.

मुझे तो अंदर से बड़ी ख़ुशी हुई की मुझे और चारू अकेले में कुछ टाइम मिला. अब मैं और चारू फिर मार्किट में चले दिए और रास्ते में मैंने चारू को अपनी फीलिंग्स बताई तो उसने मुझे पहले तो मना कर दिया लेकिन बाद में मेरे फ़ोर्स करने पर उसने मुझे हाँ कर दी. फिर दिन कैसे बीता पता ही नहीं चला. फिर आया शादी का दिन मैंने चारू के साथ बहुत डांस किया. और मैंने उसके साथ बहुत मस्ती की. उधर एक वेटर ने मेरी बहन पे दही गिरा दी.

तभी मेरी ताई जी ने साहिल को बुलाया और मेरी बहन के साथ घर जाने को कहा कि मोना का लहंगा ख़राब हो गया है, इसे चेंज करने घर जाना है तो साहिल के मन में तो लडू फूटने लगे.

फिर मोना और साहिल घर पे आये. वहां साहिल और मोना ने हग और किस किये और साहिल ने मेरी बहन के मोटे मोटे चुचे भी चुसे. फिर मेरी बहन ने उसे कहा की अब बस, चलो यहाँ से नहीं तो कोई घर भी आ सकता है. साहिल ने मोना से रात में साथ में सोने के लिए कहा तो मोना ने हाँ कर दी.

फिर हम भाई की शादी कर के घर पहुचे और सारे शगुन किये और रात को खूब नाचे न्यू भाभी के साथ. तभी मैंने चारू को कहा की वो मुझे उपर टेरेस पे मिले, तो वो आ गयी. और वहां मैंने चारू को बहुत किस की और उसके बूब्स को बहुत प्रेस किया.

तभी चारू की बड़ी बहन टेरेस पे आ गयी और हम एक दुसरे से दूर हो गए. और फिर मैंने चारू को कहा कि वो रात को मेरी बहन के रूम में सो जाये, और मैंने अपने रूम में उसकी बहन और उसके मम्मी पापा को सोने के लिए कह दिया.

फिर वो घडी आ गयी जिसने मेरी ज़िन्दगी ही बदल दी. प्लान के अकोर्डिंग, मैंने चारू को अपनी बहन के रूम में सोने के लिए भेज दिया. तो वहा मेरी बहन पहले से ही थी और सोने की तयारी कर रही थी. तभी वहा साहिल आ गया, तब मैंने साहिल से कहा की तुम मेरे कमरे में सो जायो. तो साहिल ने कहा की वहा जगह कम है.

तो फिर चारू ने भी कहा कि भाई यहाँ सोयेंगे, तो पहले मुझे बहुत गुस्सा आया चारू की बात पे. फिर मैं गुस्से में बेड पर लेट गया अपनी बहन के साथ. बेड पे पहले मेरी सिस्टर थी, फिर मैं, फिर चारू और फिर साहिल. रात को बहुत देर तक इंतज़ार करते- करते मैं सो गया. और पता नहीं कब चारू मेरी बहन की जगह आ गयी और मेरी बहन चारू की जगह पर.

जब मेरी आँख खुली तो मैंने चारू की बहाने अपनी ही बहन के जिस्म पे हाथ फेरना शुरू कर दिया. और साथ- साथ उसके बूब्स दबाने लगा ट- शर्ट के ऊपर से ही. धीरे- धीरे मैंने उसके लोअर में हाथ डाल दिया और उसकी चूत में उंगली करने लगा.

तभी उसने मेरा हाथ पकड़ा और फिर मेरे हाथ को बाहर निकल दिया. मैंने फिर से उसके लोअर में हाथ डाला और ऊँगली से उसका चूत मसलने लगा. फिर मैंने उसका हाथ अपनी हाफ पेंट में डाला और उसने झट से मेरा लंड पकड़ लिया. और उसे आगे पीछे करने लगी.

फिर मैंने धीरे से अपने लंड को उसके मुह में देने की कोशिश की तो उसने मुह में नहीं लिया. तब मैं धीरे से उसकी चूत के पास आया और उसे अपने जुबान से चाटने लगा. धीरे- धीरे मेरी बहन गरम होने लगी. और उसने मेरे लंड को पकडा और अपने चूत पे रगड़ने लगी और धीरे से मेरे कान में कहा की साहिल अब और मत तडपायो अपना लंड मेरी चूत में डाल दो.

जब मैंने अपनी बहन की आवाज़ सुनी तो मुझे झटका सा लगा. जब तक मैं खुद की रोकता तब तक मेरी बहन मेरे लंड को चूत की दिवार पर सेट कर चुकी थी. और फिर मुझे कहने लगी कि जल्दी करो न साहिल अब इंतज़ार नहीं होता. मैं तो एक मिनट के लिए शॉक ही हो गया. तभी वो बोली जल्दी करो नहीं तो कोई जाग जायेगा. पर मेरी बहन को क्या पता था कि साहिल की जगह उसका अपना भाई उसकी जवानी का मज़ा ले रहा था.

तभी मैंने अपने लंड को झटके दिए, तो मेरा लंड अंदर नही गया. मैंने फिर से कोशिश की और इस बार मैंने अपने लंड पे थूक लगाया और उसे अपने बहन के छेद  पर रख के एक झटका दिया तो मेरा लंड मेरी बहन की चूत में थोडा सा घुस गया और वो झटपटाने लगी.

जब तक वो मुझे रोक पाती मैंने एक और झटका मारा, तो मेरा लंड मोना की सील तोड़ते हुए आधा अंदर घुस गया, और उसके मुह से चीख निकलने ही वाली थी के मैंने उसके मुह पे हाथ रख दिया.

जब मुझे महसूस हुआ कि उसका दर्द कम हो गया है तो मैंने और झटके देने शुरू कर दिए. और मुझे इतना मज़ा आ रहा था कि बता नहीं सकता.

२० मिनट के बाद मेरी बहन का जिस्म अकड़ना शुरू हुआ और मैं समझ गया कि वो झड़ गयी है. पर मैं झटके पे झटके देता रहा.

जब मैं अपनी चरम सीमा पे पंहुचा तो मैंने कहा कि कहा निकालू ,जब तक मेरी बहन ने मेरी आवाज़ सुन कर समझ पति की मैं उसका अपना भाई हूँ और तो मुझे धक्का देना शुरू किया तब तक मेरा स्पर्म उसकी चूत में निकल गया. मैं उसके ऊपर से उठा तो वो मुझे मरने लगी और कहने लगी कि तूने ये क्या कर दिया अपनी बहन के साथ.

तो मैंने उससे बताया के यहाँ तो चारू सोयी हुई थी. मैंने सोचा के वो है, और मुझे नहीं पता था कि आप यहाँ हो पर आप यहाँ कैसे आ गयी. जो भी हुआ उसमे मेरी कोई गलती नहीं है और फिर मैंने उसे कहा कि चुदना तो आपको था ही, तो क्या हुआ साहिल के बदले मैंने चोद दिया. फिर उस रात के बाद मेरी बहन ने मुझ से १ सप्ताह तक बात नहीं की.

लेकिन बाद में सब ठीक हो गया और हम दोनों ने बाद में बहुत बार चुदाई की. और अब मेरी बहन की भी शादी हो चुकी है और वो अभी भी मुझ से चुदती है.

तो दोस्तों यह थी मेरी सेक्स स्टोरी, और मुझे पता है इस कहानी को पढ़ते- पढ़ते आपके लंड और चूतों ने पानी निकाल दिया होगा. कैसे लगी मेरी यह सेक्स स्टोरी बताइयेगा जरुर

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